हरिद्वार में 2027 कुंभ की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के बीच अहम बैठक हुई। बैठक में शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा, मेला प्रशासन के अधिकारी, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी सहित संत समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक के दौरान अखाड़ा परिषद का एक गुट नाराज भी दिखाई दिया, हालांकि प्रशासन ने सभी अखाड़ों के सहयोग से कुंभ को ऐतिहासिक बनाने की बात कही।शहरी विकास मंत्री और कुंभ मेला प्रभारी राम सिंह कैड़ा ने कहा कि बैठक में लगभग सभी अखाड़ों के प्रतिनिधि, संत, महंत और महात्मा शामिल हुए। हालांकि कुछ संत महात्मा राज्य से बाहर होने के कारण नहीं पहुंच पाए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 2027 कुंभ को आध्यात्मिक, दिव्य और भव्य स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग, बिजली, पानी और अन्य व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि बैठक में अखाड़ों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि वैष्णव अखाड़ों के कैंप के लिए भूमि आवंटन का मुद्दा प्रमुख रहा, जो पिछले कुंभ से लंबित है। प्रशासन ने इस पर 15 से 20 दिनों में रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि संतों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर अखाड़ों ने अपने सुझाव रखे हैं और परंपराओं के अनुसार भव्य कुंभ आयोजन के लिए अखाड़ा परिषद सरकार के साथ पूरा सहयोग करेगी।

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